[हनुमान बाहुक] ᐈ Hanuman Bahuk Lyrics In Hindi With Meaning
हनुमान बाहुक गोस्वामी तुलसीदास रचित 44 छंदों का प्रसिद्ध स्तोत्र है। कथा के अनुसार, एक बार तुलसीदासजी को भुजा (बाहु) में असहनीय पीड़ा हुई — औषध, यंत्र, मंत्र, टोटके सब व्यर्थ गए। तब उन्होंने हनुमानजी की वंदना में यह स्तोत्र रचा, और परंपरा कहती है कि पाठ से उनकी पीड़ा शांत हुई। तभी से यह … Read more